
मंडी, 25 जून। जिला उद्योग केंद्र मंडी के सौजन्य से औद्योगिक क्षेत्र के स्थानीय उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी के साथ, ‘रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस‘ (रैम्प) पहल, जेम (जीइएम) पोर्टल और उद्यमिता प्रशिक्षण पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन गत दिवस जंजैहली में किया गया। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को उत्पादकता, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकी और जेम पोर्टल को अपनाने के महत्व के बारे में जागरूक करना रहा।
इस सत्र की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र मंडी के विस्तार अधिकारी मुनी लाल ने की। कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर निर्माण एवं अन्य उद्योगों से जुड़े लगभग 60 उद्यमियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान सीईएल विशेषज्ञ तुषार सैनी एवं सरवन ने प्रतिभागियों को कृत्रिम मेधा (एआई), इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, क्लाउड कंप्यूटिंग, एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग तथा कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट जैसी उन्नत तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
विशेषज्ञों ने वास्तविक उदाहरणों एवं एमएसएमई व्यवहार्यता अध्ययनों के माध्यम से बताया कि ये तकनीकें उद्योगों को अपने संचालन का आधुनिकीकरण करने, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार लाने, मशीनों की कार्यक्षमता बढ़ाने तथा उत्पादन लागत कम करने में कैसे सहायक हो सकती हैं।
कार्यक्रम के दौरान एमएसएमई पंजीकरण एवं खुले बाजार तक पहुंच प्रदान करने वाले पोर्टल की भी जानकारी साझा की गई तथा उद्यमियों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं डिजिटल अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इसके अतिरिक्त रैम्प योजना के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न सहायता योजनाओं, टूलकिट्स एवं समर्थन तंत्रों की भी जानकारी दी गई।
जागरूकता अभियान के दौरान, एमएसएमई के लिए ओपन मार्केट एक्सेस पाने हेतु पंजीकरण के लिए https://team.msmemart.com/msme-registration-eligibility पोर्टल की जानकारी भी साझा की गई। इसके साथ ही स्मार्ट एमएसएमई, इंडस्ट्री 4.0 तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं से संबंधित प्रतिभागियों की आशंकाओं का निराकरण भी किया गया।