मुख्यमंत्री ने राहत केंद्रित से प्रतिरोध केंद्रित प्रशासन अपनाने पर दिया बल
प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती घटनाओं और इनसे उत्पन्न गंभीर खतरों को ध्यान में रखते हुए जन सुरक्षा एवं प्रभावी आपदा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार सक्षम व प्रतिरोधी अधोसरंचना के निर्माण की दिशा में कार्य कर रही है। इस क्रम में सरकार ने 2,688 करोड़ रुपये की ‘‘हिमाचल प्रदेश रेजिलिएंट एक्शन फॉर डेवलपमेंट एंड डिजास्टर रिकवरी’’ (एचपी-रेडी) परियोजना शुरू की है, इसका उद्देश्य प्रदेशभर में आपदा-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाना है। यह परियोजना जनवरी 2026 से नवंबर 2030 तक लागू की जाएगी और इसमें आपदा से निपटने की तैयारी, आपदा न्यूनीकरण तथा पुनर्वास तंत्र को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।ग्लोबल वार्मिंग के कारण उत्पन्न परिस्थितियों से पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश सर्वाधिक प्रभावित है और प्रदेश प्राकृतिक आपदाओं के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। पिछले तीन वर्षों में राज्य में 66 से अधिक बादल फटने की घट...








