Sunday, August 2
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मुख्यमंत्री ने नेरी में स्थापित किए जा रहे देश के पहले बायोचार संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की

मुख्यमंत्री ने नेरी में स्थापित किए जा रहे देश के पहले बायोचार संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की

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हमीरपुर जिले के नेरी में देश का पहला स्वदेशी बायोचार संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण में महत्त्वपूर्ण योगदान देने के साथ-साथ स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित करेगी। इसके अलावा, पर्यावरण संरक्षण की दिशा में जन-जागरूकता बढ़ाने में भी यह महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान करेगी।हमीरपुर जिले के नेरी और जाहू में दो बायोचार संयंत्र स्थापित करने के लिए पिछले वर्ष अगस्त माह में डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी, वन विभाग और प्रोक्लाइम सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड, चेन्नई के बीच त्रिपक्षीय समझौता हस्ताक्षरित किया गया था।मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां राज्य में स्थापित किए जा रहे बायोचार संयंत्रों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि यह परियोजना रोजगार के अवसर बढ़ाने, वन संसाधनों के सतत् प्रबंधन को प्रोत्साहित करने त...
राज्य सरकार इलेक्ट्रिक बसों पर 50 प्रतिशत और डीजल बसों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी: मुख्यमंत्री

राज्य सरकार इलेक्ट्रिक बसों पर 50 प्रतिशत और डीजल बसों पर 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी: मुख्यमंत्री

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने युवाओं को रोजगार प्रदान करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बेरोजगार युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित करने, सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को सदृढ़ बनाने तथा पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना (चरण-Ⅳ) प्रारम्भ करने का निर्णय लिया है। योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बसों की खरीद पर 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही प्रदेशभर में चिन्हित 1,000 मार्गों पर बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को इलेक्ट्रिक बसों के लिए पांच वर्षों तक 65 हजार रुपये प्रतिमाह तथा डीजल बसों के लिए 50 हजार रुपये प्रतिमाह परिचालन प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी...
जिला मंडी में रेशम उद्योग बना ग्रामीण समृद्धि का आधार, हजारों किसानों की आय बढ़ाने में निभा रहा अहम भूमिका

जिला मंडी में रेशम उद्योग बना ग्रामीण समृद्धि का आधार, हजारों किसानों की आय बढ़ाने में निभा रहा अहम भूमिका

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के ‘सुक्खू सरकार’ के प्रयास धरातल पर नजर आ रहे हैं। सरकार के प्रोत्साहन एवं किसानों की मेहनत से मंडी जिला रेशम उत्पादन के क्षेत्र में एक विशेष पहचान बना चुका है। शहतूत आधारित रेशम उत्पादन से लेकर बीज उत्पादन, पोस्ट-कोकून गतिविधियों और ओक टसर रेशम पालन तक, मंडी जिले में रेशम उद्योग की पूरी मूल्य श्रृंखला विकसित हो चुकी है। इससे यह क्षेत्र ग्रामीण रोजगार और आजीविका संवर्द्धन का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। वर्ष 2023-24 से 2025-26 के दौरान जिले में 3,619 औंस रेशम बीज वितरित किए गए, जिससे 6,593 किसान लाभान्वित हुए। इस अवधि में 27,041.74 किलोग्राम हरे कोकून का उत्पादन हुआ तथा किसानों को 84,500 उन्नत किस्म के शहतूत पौधे उपलब्ध करवाए गए। यह उपलब्धि रेशम उद्योग के प्रति किसानों के बढ़ते विश्वास और विभागीय प्रयासों की सफलता को दर्शाती है। वर्तमान में जिला ...
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की

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राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने रविवार सायं सोलन में आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय शूलिनी मेले के समापन समारोह की अध्यक्षता की। इस अवसर पर लेडी गवर्नर बिंदु गुप्ता भी उनके साथ उपस्थित रहीं।राज्यपाल ने जिला प्रशासन एवं शूलिनी मेला समिति को मेले के सफल एवं गरिमामय आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि शूलिनी मेला केवल एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और गहरी आस्था का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने, प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने तथा पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल ने राज्यपाल को सम्मानित किया। राज्यपाल ने सोलन रेडक्रॉस सोसायटी के नव-नामित आजीवन सदस्यों को बैज प्रदान किए तथा मानव सेवा और जनकल्याण के प्रत...
बड़ा भंगाल प्रवास से मुख्यमंत्री का दुर्गम क्षेत्रों के प्रति आत्मीय लगाव फिर आया सामने

बड़ा भंगाल प्रवास से मुख्यमंत्री का दुर्गम क्षेत्रों के प्रति आत्मीय लगाव फिर आया सामने

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम क्षेत्रों में शामिल कांगड़ा जिले के बड़ा भंगाल का दो दिवसीय प्रवास दूरस्थ क्षेत्र के लोगों के समग्र विकास के प्रति उनकी संवेदनशीलता एवं विशेष लगाव का सशक्त प्रमाण है। इससे स्पष्ट प्रतीत होता है कि वर्तमान सरकार की विकास यात्रा केवल सड़कों और शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के अंतिम छोर पर बसे प्रत्येक नागरिक तक पहुंचने के संकल्प से प्रेरित है। जिन क्षेत्रों की आवाज़ वर्षों तक शिमला में सत्ता के गलियारों तक मुश्किल से पहुंच पाती थी, वहां आज मुख्यमंत्री स्वयं पहुंचकर लोगों के बीच बैठ रहे हैं, उनकी समस्याएं सुन रहे हैं और मौके पर समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने ‘व्यवस्था परिवर्तन’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए यह सिद्ध किया है कि उनके लिए विकास का पैमाना वोटों की संख्या नहीं, बल्कि लोगों की जरूरतें हैं...
हिमाचल के सबसे दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल में मसीहा बनकर पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू

हिमाचल के सबसे दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल में मसीहा बनकर पहुंचे मुख्यमंत्री सुक्खू

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करीब 15 साल के एक लंबे अंतराल के बाद हिमाचल प्रदेश के मुखिया को अपने बीच पाकर सिर्फ कांगड़ा जिला ही नहीं बल्कि प्रदेश के सबसे दुर्गम और कठिन क्षेत्र बड़ा भंगाल के लोग खुशी से चहक उठे। खासकर उन युवाओं की खुशी का ठिकाना नहीं था जिन्होंने बचपन की दहलीज को अभी-अभी लांघा है और पहली बार किसी मुख्यमंत्री को देखने का सपना पूरा हुआ।लगभग डेढ़ दशक के बाद कोई मुख्यमंत्री न सिर्फ बड़ा भंगाल क्षेत्र के दौरे पर पहुंचा बल्कि ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने पूरी रात स्थानीय लोगों के साथ बिताकर एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया। यह पहली बार नहीं जब श्री सुक्खू ने दुर्गम क्षेत्र में पहंुचकर लोगों का दुःख-दर्द साझा किया है। ‘सरकार गांव के द्वार’ कार्यक्रम की नई सोच के साथ वह लगातार ऐसे कठिन क्षेत्रों में रात्रि ठहराव करते आए हैं जहां आमतौर पर कोई नेता पहुंचने में रुचि नहीं दिखाता है। इससे पहले उन्होंने शिमल...
बड़ा भंगाल में मुख्यमंत्री बोले, राजनीति करने नहीं दुख-दर्द बांटने आया हूं

बड़ा भंगाल में मुख्यमंत्री बोले, राजनीति करने नहीं दुख-दर्द बांटने आया हूं

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मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जिला कांगड़ा के दुर्गम क्षेत्र बड़ा भंगाल का दौरा कर आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया तथा स्थानीय लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और प्रशासनिक अधिकारियों से राहत एवं पुनर्वास कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने बड़ा भंगाल तक सड़क निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए अधिकारियों को प्रत्येक किलोमीटर के लिए अलग-अलग निविदाएं आमंत्रित करने तथा कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मशीनरी को हवाई मार्ग से पहुंचाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इस अवसर पर उन्होंने बड़ा भंगाल सड़क निर्माण के लिए 10 करोड़ रुपये जारी करने की घोषणा की।क्षेत्र में विद्य...
दिव्यांगजनों को सुगम व सुलभ सेवाएं प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता- गुरसिमर सिंह

दिव्यांगजनों को सुगम व सुलभ सेवाएं प्रदान करना सर्वोच्च प्राथमिकता- गुरसिमर सिंह

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*मंडी, 27 जून।* अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह ने कहा कि दिव्यांगजनों को सुगम व सुलभ सेवाएं प्रदान करना सरकार व जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी संबंधित विभाग इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य करें। वे आज यहां जिला स्तरीय विभिन्न समितियों की बैठकों की अध्यक्षता कर रहे थे। इन बैठकों में दिव्यांगता अधिकार अधिनियम, 2016 के अंतर्गत जिला स्तरीय दिव्यांगता समिति, राष्ट्रीय न्यास अधिनियम, 1999 के अंतर्गत गठित स्थानीय स्तर की समिति, मैनुअल स्कैवेंजर अधिनियम, 2013 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता समिति, अल्पसंख्यकों के कल्याणार्थ प्रधानमंत्री के 15-सूत्रीय कार्यक्रम तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति के कार्यों की समीक्षा की गई। अतिरिक्त उपायुक्त ने अधिकारियों को योजना...
प्राकृतिक खेती पर जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित

प्राकृतिक खेती पर जिला स्तरीय निगरानी समिति की बैठक आयोजित

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*मंडी, 25 जून।* अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह की अध्यक्षता में आज यहां जिला स्तरीय निगरानी समिति द्वारा प्राकृतिक खेती मिशन 2026-27 की कार्य योजना को पारित किया गया। इस मिशन के तहत इस वर्ष जिला मंडी में 20 क्लस्टर बनाए जाएंगे और लगभग 2500 किसानों की 1000 हेक्टेयर भूमि को प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाएगा। समिति की बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में मंडी जिला में 50 क्लस्टर के माध्यम से 8214 किसानों के 2500 हैक्टेयर क्षेत्र प्राकृतिक खेती से जोड़ा गया था। उन्होंने बताया कि किसानों को प्राकृतिक खेती करने के लिए लगभग 3.50 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इन क्लस्टरों में 13 जैव आदान संसाधन केन्द्र भी खोले जाएंगे, जहां से किसान प्राकृतिक खेती में प्रयोग होने व...
जेम पोर्टल, उद्यमिता प्रशिक्षण, रैम्प और इंडस्ट्री 4.0 प्रौद्योगिकी बारे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

जेम पोर्टल, उद्यमिता प्रशिक्षण, रैम्प और इंडस्ट्री 4.0 प्रौद्योगिकी बारे जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

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मंडी, 25 जून। जिला उद्योग केंद्र मंडी के सौजन्य से औद्योगिक क्षेत्र के स्थानीय उद्यमियों और उद्योग प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी के साथ, 'रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस' (रैम्प) पहल, जेम (जीइएम) पोर्टल और उद्यमिता प्रशिक्षण पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन गत दिवस जंजैहली में किया गया। इसका उद्देश्य सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) को उत्पादकता, दक्षता और प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए उद्योग 4.0 प्रौद्योगिकी और जेम पोर्टल को अपनाने के महत्व के बारे में जागरूक करना रहा। इस सत्र की अध्यक्षता जिला उद्योग केंद्र मंडी के विस्तार अधिकारी मुनी लाल ने की। कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण, फर्नीचर निर्माण एवं अन्य उद्योगों से जुड़े लगभग 60 उद्यमियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कार...