
*मंडी, 13 जून।* उद्यान विभाग द्वारा ‘एचपी शिवा’ परियोजना के अंतर्गत मंडी जिले के खुगरांव क्लस्टर में ‘मूल्य संवर्धन और प्रसंस्करण’ पर एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सुंदरनगर, बल्ह और गोहर विकास खंड के विभिन्न क्लस्टरों से आए दर्जनों प्रगतिशील किसानों बागवानों ने भाग लिया।
*वैज्ञानिकों ने दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण*
कार्यशाला में कृषि विज्ञान केंद्र सुंदरनगर से वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. कविता शर्मा और डॉ. कविता आर्य ने मुख्य प्रशिक्षक के रूप में किसानों को प्लम की तुड़ाई के बाद के प्रबंधन की बारीकियों से रूबरू कराया। उन्होंने सैद्धांतिक जानकारी के साथ ही व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। कार्यशाला के दौरान वैज्ञानिकों ने प्लम से प्लम जैम, प्लम चटनी, प्लम स्क्वैश (शरबत), प्लम का अचार और प्लम पापड़ जैसे विभिन्न उत्पाद बनाने का लाइव डेमो दिया और इन्हें तैयार करने की विधि के साथ-साथ पैकेजिंग व प्रिजर्वेटिव्स की सही मात्रा जैसे प्रमुख पहलुओं को विस्तार से समझाया।
*कमर्शियल लेवल पर बढ़ेगी किसानों की आमदनी: डॉ. संजय गुप्ता*
उद्यान विभाग, मंडी के उप-निदेशक डॉ. संजय गुप्ता ने कार्यशाला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मूल्य संवर्धन तकनीक बागवानों के लिए बेहतर बदलाव ला सकती है। इस प्रशिक्षण के बाद किसान इन मूल्यवर्धित उत्पादों को न केवल अपने व्यक्तिगत उपयोग के लिए तैयार कर सकते हैं, बल्कि ‘सहकारी विपणन दृष्टिकोण’ अपनाकर इन्हें व्यावसायिक तौर पर भी बेच सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे और बागवानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
*ये रहे उपस्थित*
कार्यशाला में सुंदरनगर की उद्यान विकास अधिकारी डॉ. अनुपमा, क्षमता निर्माण विशेषज्ञ राव साहेब बेंद्रे, क्लस्टर प्रभारी नीता सहित ब्लॉक टीम के अन्य सदस्य और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यशाला के अंत में किसानों ने इस तरह के आय-वर्धक आयोजनों के लिए उद्यान विभाग और एचपी शिवा परियोजना का आभार व्यक्त किया।